चुप रहना भी एक कला है

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चुप रहना भी एक कला है

चुप रहना भी एक कला है
जिसने ये कला सीख ली
समझो वो आनंद के सागर में डूब गया

शांति अथवा प्रकृति ध्यान ऐसी ही एक कला है
जिसका आपने थोड़ा भी अभ्यास किया
तो बेड़ा पार
हां एक घंटे से ज्यादा इसका अभ्यास कभी नहीं करना है
क्योंकि बाकी काम भी तो करने हैं ना
दिनचर्या भी तो निभानी है ना
और अपनी हॉबीज़ या रुचि की बातें भी तो पूरी करनी हैं
करनी हैं कि नहीं करनी हैं

हमनें वैसे ही जीवन मे बहुत समय गवाया
बेकार की बातों में
जिनका कोई सिर पैर नहीं होता
तो अब बेकार की बातें छोड़ते हैं
और काम की बात करते हैं
केवल अपने आप से
अपने मन से......